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शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज : विवाद के बाद भी पुलिस ने नहीं लिया सबक
डेढ़ माह पहले पत्र लिखकर मांगा था पुलिस बल, फिर भी बगैर सुरक्षा हो रही परीक्षा
उज्जैन. शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के विवाद में पुलिस की चूक सामने आई है। कॉलेज प्रशासन द्वारा डेढ़ माह पहले परीक्षा की लिखित सूचना देने के बाद भी पुलिस बल तो दूर जवान तक उपलब्ध नहीं कराया गया था। फिलहाल कॉलेज में बगैर सुरक्षा व्यवस्था के परीक्षा का संचालन हो रहा है। कॉलेज में मांग अनुसार सुरक्षा के इंतजाम होते तो विवाद को टाला जा सकता था।
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में शनिवार को परीक्षा के दौरान नकल के मामले में छात्र और परीक्षक अतिथि शिक्षक तपस्या ठाकुर के बीच उपजी विवाद की स्थति को टाला जा सकता था, यदि कॉलेज प्रशासन की मांग अनुसार परीक्षा के दौरान पुलिस तैनात रहती। अतिथि शिक्षक तपस्या ठाकुर द्वारा नकल के चलते छात्र को बाहर निकाले जाने के बाद उसके समर्थन में युवा कांग्रेस के बबलू खींची के साथ बड़ी संख्या में छात्रों के समूह ने कॉलेज और परीक्षा नियंत्रण कक्ष में हंगामा किया था। इस दौरान कॉलेज में पुलिस नहीं थी।
विवाद के बाद भी गंभीरता नहीं
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में सोमवार को भी परीक्षा थी। इस दौरान पुलिस जवान तक मौजूद नहीं था। कॉलेज में शनिवार को विवाद हुआ था। कॉलेज प्रशासन कई दिन पहले परीक्षा की जानकारी दे चुका था। इसके बाद भी सोमवार को पुलिस प्रशासन की ओर से जवान तक नहीं भेजा गया। इस मामले में कॉलेज प्राचार्य आरपी गुप्ता का कहना है कि इस संबंध में वे अधिक कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। सभी तथ्यों से पुलिस को अवगत कराया गया हैं।
हमेशा सूचना जाती है
बताया जाता है प्रमुख परीक्षाओं के लिए कॉलेज/केंद्र द्वारा संबंधित थाने को लिखित में सूचना दी जाता है ताकि परीक्षा के दौरानसुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जा सके। इस बार भी कॉलेज प्रशासन द्वारा २२ नवंबर २०१९ को विधिवत पत्र लिखकर परीक्षा की जानकारी पुलिस को दी गई थी। इसके बाद भी परीक्षा के दौरान पुलिस बल/जवान की तैनाती तो दूर गश्त तक नहीं की गई। मौके पर पुलिस का एक जवान भी तैनात होता तो शायद विवाद के बाद गैर छात्रों के कॉलेज में प्रवेश को रोका जा सकता था। पुलिस घटना के बाद कॉलेज पहुंची थी।